Edit | Del
太陽は銀河系の中では主系列星の一つで、スペクトル型はG2V(金色)である。
2025年 06月 24日












































ムニ・ロイは、ちょうどいいサイズの8,500ルピーのミニドレスを着て、とてもロマンチックでかわいく見えますस्कूली शिक्षा के नीति निर्माण में होगी सहूलियत, केंद्र की यह योजना कई राज्यों में है लागूशिक्षा से जुड़े आंकड़े अब एक पोर्टल पर होंगे, ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ बनेगा
● बिहार में राज्य स्तर पर नहीं थी ऐसी कोई व्यवस्था ● प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट करेगी आंकड़ों का सत्यापनअभी यू- डायस पर ली जाती है जानकारीअभी
यू-डायस पोर्टल पर जानकारी देने के समय सभी तरह की जानकारी एकत्रित होती
है। ‘विद्या समीक्षा केन्द्र’ पोर्टल की शुरुआत होने से सालों भर सभी डेटा
अपडेट होते रहेंगे।
क्या है विद्या समीक्षा केन्द्र
विद्या
समीक्षा केंद्र (वीएसके) भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू किया
गया एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम है। वीएसके का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली की
समग्र निगरानी को बढ़ाने के लिए बड़े डेटा विश्लेषण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता
और मशीन लर्निंग का उपयोग करके डेटा और प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना है। इसका
मुख्य उद्देश्य शिक्षा से जुड़े सभी आंकड़ों को राज्य स्तर पर एक जगह करना
है, ताकि शिक्षा के सुधार को लेकर बड़ी छलांग लगाई जा सके और विभाग के पास
रियल टाइम आंकड़े पहुंच सके, ताकि इससे नीति निर्माण करने में मदद मिले।
● समग्र शिक्षा के दायरे में विभिन्न परियोजनाओं/गतिविधियों की वास्तविक स्थिति की निगरानी
● छात्रों के नामांकन, सीखने के स्तर में प्रगति, बाल श्रम और स्कूल से बाहर के बच्चों की निगरानी
● पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति, शिक्षकों और स्कूलों द्वारा अपेक्षित सहायता पर नजर रखी जाएगी
● स्कूल और हितधारकों के लिए शिकायत निवारण तंत्र के लिए केंद्रीकृत हेल्पडेस्क स्थापित करना
● स्कूलों के वास्तविक समय के प्रदर्शन संकेतक प्रदान करने वाला केंद्रीकृत डैशबोर्ड विकसित करना
●स्वाति आनंद
पटना। बिहार
में शिक्षा के बेहतरी को अब नई व्यवस्था लागू होगी। शैक्षणिक गतिविधियों
की सतत निगरानी के लिए ‘विद्या समीक्षा केन्द्र’ नाम से पोर्टल की शुरुआत
की जाएगी। राष्ट्रीय डिजिटल शिक्षा वास्तुकला (एनडीईएआर) के दिशा-निर्देश
में एनसीईआरटी की देखरेख में यह काम होगा।
इस
पोर्टल को बनाने का मकसद शिक्षा से जुड़े सभी आंकड़े समेकित ढंग से एक जगह
पर हों और इसके आधार पर बिहार में स्कूली शिक्षा के नीति निर्माण पर बेहतर
तरीके से काम किया जा सके। इस पोर्टल के जरिए सभी जिले में नामांकन,
ड्रापआउट, किताबों की आपूर्ति, परियोजनाओं का अनुपालन आदि की निगरानी होगी।
इसके लिए टीम बनेगी। परियोजना प्रबंधन इकाई की टीम इसकी निगरानी करेगी।
इसमें एआई, डे
शेरशाह सूरी मकबरा और अगमकुआं देश की जल विरासतों में शामिलशेरशाह सूरी का मकबराअगमकुआं का कुआं
शेरशाह
सूरी का मकबरा सासाराम में है। सूर साम्राज्य के संस्थापक शेरशाह सूरी ने
अपने लिए यह मकबरा बनवाया था। यह उनकी मृत्यु के तीन माह बाद 16 अगस्त,
1545 को बनकर तैयार हुआ था। बलुआ पत्थर से बना यह मकबरा इंडो-इस्लामिक
वास्तुकला का उदाहरण है, जो मूल रूप से चमकीले रंगों में रंगा गया था और
चमकदार टाइल से सजाया गया था। मकबरा एक कृत्रिम झील के बीच में है और
स्थानीय रूप से इसे पानी रोजा के नाम से जाना जाता है। झील का उद्देश्य
बहुतायत के तालाब का प्रतिनिधित्व करना था। यह भी माना जाता है कि यह जल
मंदिर से प्रेरित है।
अगमकुआं
पटना में एक प्राचीन कुआं और पुरातात्विक स्थल है। ऐसा कहा जाता है कि यह
304-232 ईसा पूर्व में मौर्य सम्राट अशोक के काल का है। यह आकार में
गोलाकार है, जिसके ऊपरी 43 फीट हिस्से में ईंट और शेष 62 फीट हिस्से में
लकड़ी के छल्ले लगे हैं। यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्
コメント
コメントを投稿